त्रिची हवाई अड्डे पर वन्यजीव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
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डीआरआई ने महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विभिन्न बंदरगाहों, हवाई अड्डों और सूचना और नियंत्रण केंद्र (आईसीडी) में लगभग 3,00,000 ई-सिगरेट जब्त की हैं। इनकी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक है।
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अवैध व्यापार के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई जारी रखते हुए 24 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर 55,000 से अधिक तस्करी की गई ई-सिगरेट जब्त कीं।
डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर नेपाल जा रहे दो कंटेनरों को जब्त किया, जिनमें ई-सिगरेट होने का संदेह था। एक कंटेनर में ई-सिगरेट को "पानी के गिलास" और दूसरे में "मिट्टी के मग" के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया था। पहले कंटेनर की विस्तृत जांच में घोषित सामान के बीच छिपाई गई आईजीईटी ब्रांड की विभिन्न फ्लेवर वाली 40,000 ई-सिगरेट बरामद हुईं। वहीं, दूसरे कंटेनर की विस्तृत जांच में घोषित सामान के बीच छिपाई गई वीटीवी, वोको, बैंग और ईजॉय सहित विभिन्न ब्रांडों की लगभग 15,000 ई-सिगरेट बरामद हुईं।
सीमा शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कवर कार्गो के साथ कुल मिलाकर लगभग 55,000 ई-सिगरेट जब्त की गईं, जिनकी कीमत 13.50 करोड़ रुपये है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और सभी इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन वितरण प्रणालियों (ईएनडीएस) पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में और लोगों को नुकसान से बचाने के लिए अधिनियमित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध (उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) अधिनियम, 2019 के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में डीआरआई ने महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विभिन्न बंदरगाहों, हवाई अड्डों और सूचना और नियंत्रण केंद्र (आईसीडी) में लगभग 3,00,000 ई-सिगरेट जब्त की हैं। इनकी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक है।
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