केंद्रीयआयुषराज्यमंत्री (स्वतंत्रप्रभार) एवंस्वास्थ्यएवंपरिवारकल्याणराज्यमंत्रीश्रीप्रतापरावजाधवनेनागरिकोंसेधनतेरसकेपर्वकोस्वास्थ्यऔरनिवारकस्वास्थ्यदेखभालकेमहत्वसेजोड़नेकाआह्वानकियाहै।उन्होंनेइसबातपरजोरदियाकिवास्तविकसमृद्धिअच्छेस्वास्थ्यऔरकल्याणमेंनिहितहै।केंद्रीयमंत्रीनेपरिवारोंकोस्वस्थजीवनशैलीअपनाने, रोगोंकीरोकथामकोप्राथमिकतादेनेऔरअपनेदीर्घकालिकस्वास्थ्यकेलिएजागरूकताकेसाथनिवेशकरनेकेलिएप्रोत्साहितकिया।
धनतेरस, जिसेधन्वंतरिजयंतीकेरूप मेंभीमनायाजाताहै, समुद्रमंथनकेदौरानअमृतकलशकेसाथभगवानधन्वंतरिकेप्राकट्यकास्मरणकराताहै।देवताओंकेदिव्यवैद्यकेरूपमेंपूजनीयभगवानधन्वंतरिकासंबंधभारतकीपारंपरिकजीवनएवंस्वास्थ्यविज्ञानपद्धतिआयुर्वेदसेहै।यहअवसरव्यक्तिगतऔरपारिवारिकसमृद्धिकेआधारकेरूपमेंस्वास्थ्यकेमहत्वपरविचारकरनेकाअवसरप्रदानकरताहै।

श्रीजाधवनेकहाकिधनतेरसपरंपरागतरूपसेसोने, चांदीऔरघरेलूवस्तुओंकीखरीदारीसेजुड़ाहै, जिन्हेंसमृद्धिकाप्रतीकमानाजाताहै।हालांकि, यहपर्वइसबातकीभीयाददिलाताहैकिभौतिकसंपदाकावास्तविकमहत्वतभीहै, जबउसकेसाथअच्छास्वास्थ्यभीहो।उन्होंनेइसबातपरजोरदियाकिपरिवारोंकोअपनेस्वास्थ्यकीसुरक्षाकोउतनाहीमहत्वदेनाचाहिए, जितनावेभविष्यकीआर्थिकसमृद्धिकोसुरक्षितरखनेकेलिएदेतेहैं।
निवारकस्वास्थ्यदेखभालकेमहत्वपरप्रकाशडालतेहुएमंत्रीनेकहाकिस्वास्थ्यसंबंधीचर्चाअक्सरबीमारीहोनेकेबादशुरूहोतीहै, जबकिस्वस्थजीवनशैलीअपनाकररोगोंकीरोकथामपरभीसमानरूपसेध्यानदियाजानाचाहिए।आयुर्वेदकेसिद्धांत“स्वस्थस्यस्वास्थ्यरक्षणम्”काउल्लेखकरतेहुएउन्होंनेबतायाकियहसिद्धांतस्वस्थव्यक्तिकेस्वास्थ्यकीरक्षापरबलदेताहै।गैर-संचारीरोगों, निष्क्रियजीवनशैलीऔरतनावजैसीबढ़तीचुनौतियोंकेसंदर्भमेंयहदृष्टिकोणविशेषरूपसेप्रासंगिकहै।
केंद्रीयमंत्रीनेकहाकिसंतुलितपोषण, नियमितशारीरिकगतिविधि, पर्याप्तनींदऔरतनावप्रबंधनजैसीदैनिकआदतेंसमग्रस्वास्थ्यएवंकल्याणबनाएरखनेमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभातीहैं।उन्होंनेपरिवारोंकोघरमेंबनापौष्टिकएवंसंतुलितभोजनअपनाने, जंकफूडकेअत्यधिकसेवनकोकमकरने, नियमितशारीरिकगतिविधियोंमेंभागलेनेतथापरिवारकेबुजुर्गसदस्योंकीउचितदेखभालऔरउनपरविशेषध्यानदेनेकेलिएप्रोत्साहितकिया।उन्होंनेनियमितयोगाभ्यासऔरसमयपरस्वास्थ्यजांचकोभीनिवारकस्वास्थ्यदेखभालकीदिशामेंमहत्वपूर्णकदमबताया।
निवारकएवंस्वास्थ्यसंवर्धनआधारितदेखभालकोबढ़ावादेनेमेंआयुषपद्धतियोंकेयोगदानकोरेखांकितकरतेहुएश्रीजाधवनेकहाकिआयुष्मानआरोग्यमंदिरजैसीपहलेंसामुदायिकस्तरपरआयुषआधारितस्वास्थ्यसेवाओंकीपहुंचकाविस्तारकरनेमेंमददकररहीहैं।उन्होंनेइसबातपरभीजोरदियाकिभारतकीपारंपरिकचिकित्सापद्धतियोंकादेशकीस्वास्थ्यसेवाव्यवस्थामेंजिम्मेदारीपूर्वकयोगदानसुनिश्चितकरनेकेलिएवैज्ञानिकअनुसंधान, गुणवत्तामानकोंऔरसाक्ष्य-आधारितपद्धतियोंकोमहत्वदेनाआवश्यकहै।
प्रधानमंत्रीश्रीनरेन्द्रमोदीकेफिटइंडियाकेविजनकाउल्लेखकरतेहुएश्रीजाधवनेदैनिकजीवनशैलीमेंछोटेलेकिनसार्थकबदलावलानेकेउनकेआह्वानकोयादकिया, जोजीवनशैलीसेजुड़ीबीमारियोंकीरोकथाममेंसहायकहोसकतेहैं।उन्होंनेकहाकिफिटनेसकेवलव्यक्तिगतप्रयासनहींहै, बल्किस्वस्थऔरसमृद्धसमाजकीएकअनिवार्यआधारशिलाहै।भारतजबविकसितभारत 2047 केलक्ष्यकीओरअग्रसरहै, तबस्वस्थऔरस्वास्थ्यकेप्रतिजागरूकनागरिकदेशकीविकासयात्रामेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभाएंगे।
इसधनतेरसपरनागरिकोंसेनिवारकस्वास्थ्यदेखभालकोव्यक्तिगतऔरपारिवारिकसंकल्पबनानेकाआह्वानकरतेहुएश्रीजाधवनेसभीसेअपनीदैनिकदिनचर्यामेंकमसेकमएकसकारात्मकस्वास्थ्यआदतशामिलकरनेऔरपरिवारकेकिसीअन्यसदस्यकोभीइसकेलिएप्रेरितकरनेकाआग्रहकिया।उन्होंनेलोगोंसेपरिवारकेबुजुर्गों, महिलाओंऔरबच्चोंकेस्वास्थ्यपरविशेषध्यानदेने, समयपरचिकित्सकीयसलाहलेनेतथास्वस्थजीवनशैलीकोसाझापारिवारिकजिम्मेदारीबनानेकाभीआह्वानकिया।
केंद्रीयआयुषमंत्रीनेजोरदेकरकहाकिइसधनतेरसपरनागरिकोंकोसमृद्धिकेपारंपरिकप्रतीकोंसेआगेबढ़करस्वस्थआदतोंकोअपनानाचाहिए, अपनेप्रियजनोंकीदेखभालकरनीचाहिएऔरनिवारकस्वास्थ्यदेखभालकोअपनेपरिवारकेभविष्यकीआधारशिलाबनानाचाहिए।यहइसशाश्वतसिद्धांतकीपुनःपुष्टिकरताहैकि“स्वास्थ्यहीसबसेबड़ाधनहै।”